बीवी पर हाथ उठाए तो "बेशर्म"। बीवी से मार खाए तो "बुजदिल"। बीवी को किसी और के साथदेख कर कुछ कहे तो "शक्की"। चुप रहे तो "डरपोक"। घर से बाहर रहे तो "आवारा"। घर में रहे तो "नाकारा"। बच्चों को डांटे तो"ज़ालिम" । ना डांटे तो "लापरवाह" । बीवी को नौकरी करने से रोके तो"शक्की" । बीवी को नौकरी करने दे तो बीवी की "कमाई खाने वाला"। मां की माने तो "दूध पीता बच्चा"। बीवी की माने तो "जोरू का गुलाम"। पूरी ज़िंदगी समझौता, त्याग और संघर्ष में बिताने के बावजूद वह अपने लिए कुछ नहीं चाहता। इसलिए पुरुष की हमेशा इज़्ज़त करें। पुरुष, बेटा, भाई, ब्वॉफ्रेंड, पति, दामाद, पिता हो सकता है, जिसका जीवन हमेशा मुश्किलों से भरा हुआ है।
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
0 comments:
Post a Comment