महाकंजूस एक कंजूस की बीवी बहुत बीमार थी। घर में लाइट न होने की वजह से मोमबत्ती जलाकर कंजूस डॉक्टर को बुलाने गया, लेकिन आधे रास्ते से ही लौट आया। बीवी ने कराहते हुए पूछा, ‘ले आए डॉक्टर को?’ कंजूस ने जवाब दिया, ‘नहीं, जा रहा हूं अभी। मैं तो यह कहने आया था कि अगर तुम्हें लगे कि अब नहीं बचोगी तो मरने से पहले मोमबत्ती बुझा देना।’ सौरव कुमार, इंदौर ------------- पियक्कड़ों की फिल्में अगर पियक्कड़ों द्वारा फिल्में बनाई जातीं तो उन फिल्मों के नाम होते - ‘सोडा अकबर’, ‘रब ने पिला दी थोड़ी’, ‘रम दे बसंती।’ ‘बियर जारा’, ‘बेवड़ा जमीन पर’, ‘टल्ली सिक्स’, ‘रम मारो रम’, ‘मैंने ड्रिंक तुझको दिया’, ‘दारूदास’, ‘हम टुन्न’, ‘मैंने नीट क्यों पिया’, ‘पैग लिया तो चखना क्या’, ‘उल्टी कर दी आप ने’, ‘व्हिस्कियां’, ‘पीनेवाले बॉटलिया ले जाएंगे’ ‘व्हिस्की डोनर।
Saturday, 18 July 2015
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