एक बार नत्थू दुनिया घूमने निकला। कभी पैदल, कभी रिक्शा और कभी बस से घूमते-घूमते वह चंबल के बीहड़ में पहुंच गया। वहां डाकुओं ने बस रोक ली और एक-एक सवारी से माल लूटने लगे।
तभी डाकुओं के सरदार ने एक लड़की से पूछा - तुम्हारा नाम क्या है?
लड़की - मेरा नाम बबीता है, लेकिन प्यार से लोग मुझे बबली बोलते हैं।
यह सुनकर डाकू की आंखों में आंसू आ गए। वह बोला, मेरी भी एक बेटी थी। उसका नाम बबीता था और मैं प्यार से उसे बबली बोलता था। एक साल पहले वह मर गई। जा बेटी, तू आजाद है।
फिर सरदार नत्थू के पास गया और पूछा, तुम्हारा नाम क्या है?
नत्थू - सरदार, नाम तो मेरा नत्थू है लेकिन कभी-कभी प्यार से लोग मुझे बबली भी बोलते हैं।
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